हत्या और आत्महत्या दोनों ठीक नहीं है।किसी की जान लेने का हमें कोई अधिकार नहीं है।इसी तरह जीवन में कितनी ही बाधाएं आती है और आएंगी।हमें निराश नहीं होना चाहिए।हमेशा अच्छे के लिए प्रयत्न करते रहे।हम सभी जानते हैं जीवन का एक न एक दिन अंत होगा।तो उसके लिए हम आत्महत्या क्यूं करें।जो आनी तय है उसके लिए हम प्रयास क्यूं करें।हम प्रयास करें तो कुछ अच्छा करें।अपनी उलझनों को सुलझाने का प्रयास करें।कार्य करें।इस शरीर में असीम क्षमता है पर अपनी क्षमतानुसार करते चलें।पर आत्महत्या या हत्या न करें। दुनिया में सात जन्म कम लगें इतना काम है।रोजगार देखने की दृष्टि उत्पन्न कीजिए।
वजह
हर बात के पीछे कोई वजह होती है। विद्यार्थी के हर प्रश्न के पीछे कोई वजह होती है।सही शब्दों में कहें जिज्ञासा होती है।